नई दिल्ली। फेस्टिव सीजन शुरू होने से पहले आम उपभोक्ताओं को महंगाई का एक और झटका लगने वाला है। देश की कई बड़ी एफएमसीजी और कंज्यूमर कंपनियों ने अपने उत्पादों की कीमतें बढ़ाने की तैयारी कर ली है। हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL), एशियन पेंट्स, हैवेल्स, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और डोडला डेयरी समेत कई कंपनियां लागत बढ़ने का हवाला देते हुए दाम बढ़ाने की योजना बना रही हैं।
कंपनियों का कहना है कि मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण क्रूड ऑयल आधारित कच्चे माल की लागत बढ़ गई है। इसका सीधा असर डिटर्जेंट, डिशवॉशिंग बार, टूथपेस्ट, पेंट, टायर, इलेक्ट्रिकल सामान और अन्य रोजमर्रा के उत्पादों पर पड़ रहा है।
एचयूएल के मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) निरंजन गुप्ता ने बताया कि कंपनी होम केयर श्रेणी में लागत बढ़ने के कारण सोच-समझकर कीमतों में संशोधन कर रही है। वहीं हैवेल्स इंडिया अपने कई उत्पादों के दाम करीब 8 प्रतिशत तक बढ़ा चुकी है, जबकि टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स ने टाटा साल्ट की कीमतों में लगभग 7 प्रतिशत की वृद्धि की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगस्त से नवंबर तक चलने वाले त्योहारी सीजन में उपभोक्ता खरीदारी बढ़ने के कारण कंपनियां बढ़ी हुई लागत का बोझ ग्राहकों पर आसानी से डाल सकेंगी। यही वजह है कि अधिकांश कंपनियां इसी अवधि में मूल्य वृद्धि लागू करने की तैयारी कर रही हैं। कई कंपनियों की सालाना बिक्री का करीब एक-तिहाई हिस्सा इसी फेस्टिव सीजन में आता है।
यदि कच्चे तेल और अन्य कमोडिटी की कीमतों में जल्द राहत नहीं मिली, तो आने वाले महीनों में रोजमर्रा के इस्तेमाल की कई अन्य वस्तुएं भी महंगी हो सकती हैं, जिससे आम लोगों के घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की आशंका है।
